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नेहरु स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय

नेहरु स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय (एनएमएमएल), आधुनिक भारत के निर्माता, जवाहरलाल नेहरु की स्मृति में समर्पित स्मारक है जो भारत की राजधानी नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के दक्षिण में स्थित ऐतिहासिक तीन मूर्ति परिसर में है।
इस भवन की परिकल्पना राॅबर्ट टाॅर रसल ने की थी जिसका निर्माण 1929-30 में एड्विन लुटियंस की शाही राजधानी के एक अंश के रूप में किया गया था। तीन मूर्ति भवन, भारत में ब्रिटिश इंडियन आर्मी के प्रधान सेनानायक का सरकारी आवास था। अगस्त 1948 में अंतिम प्रधान सेनानायक के जाने के बाद, तीन मूर्ति भवन स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री, जवाहरलाल नेहरु का सरकारी निवास बन गया। यहाँ वह सोलह वर्षों तक रहे और 27 मई, 1964 को उनका निधन यहीं हुआ। नेहरुजी के निधन के बाद भारत सरकार ने यह निर्णय लिया कि तीन मूर्ति भवन को उनकी याद में समर्पित किया जाए जिसमें एक संग्रहालय और पुस्तकालय होगा। 14 नवम्बर, 1964 को जवाहरलाल नेहरु के 75वें जन्मदिवस पर भारत के राष्ट्रपति, डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने औपचारिक रूप से तीन मूर्ति भवन को देश को समर्पित करते हुए नेहरु स्मारक संग्रहालय का उद्घाटन किया।
एक स्वायत्त संस्थान के रूप में नेहरु स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय (एनएमएमएल) आधुनिक और समकालीन भारत पर उन्नत शोध को प्रोत्साहित करने के लिए समर्पित है।
इस संस्थान के प्रबंधन के लिए भारत सरकार ने 1 अप्रैल, 1966 को नेहरु स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय सोसाइटी की स्थापना की। आज नेहरु स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय जहाँ एक ओर भारत के आवाम के लिए श्रद्धा का स्थान है वहीं दूसरी ओर एक प्रधान शोध केन्द्र और बौद्धिक गतिविधियों का मंच है। प्रारम्भ में तीन मूर्ति भवन के पूर्वी भाग में संग्रहालय और पश्चिमी भाग में पुस्तकालय था। परंतु पुस्तकालय में शोध सामग्री के तेज़ी से बढ़ने से और अधिक जगह की आवश्यकता महसूस की गई। अतः तीन मूर्ति भवन के निकट, अलग से एक पुस्तकालय भवन बनाया गया जिसका उद्घाटन जनवरी 1974 में भारत के राष्ट्रपति, श्री वी. वी. गिरी ने किया। समय के साथ शोध सामग्री में और बढ़ौत्तरी हुई और इसके भंडारण के लिए अनैक्स भवन का निर्माण आवश्यक हो गया। इस भवन का निर्माण कार्य 1989 में पूरा हुआ और 1990 में इसमें समसामयिक अध्ययन केेन्द्र (Centre For Contemporary Studies) स्थापित किया गया।
पिछले चार दशकों से नेहरु स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय ने भारतीय इतिहास और आधुनिक और समकालीन समाज के क्षेत्र में शोध के एक प्रधान संस्थान के रूप में अपनी पहचान बनाई है। एक उत्कृष्ट अकादमिक केन्द्र के रूप में अपनी पहचान बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत्त होने के साथ-साथ नेहरु स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय जवाहरलाल नेहरु के विचारों और मूल्यों तथा भारत की आज़ादी के आंदोलन के प्रसार के प्रयास में भी जुटा हुआ है।
हमारी संस्था भारत की अकादमिक संस्कृति का एक जीता-जागता उदाहरण है। व्याख्यान और संगोष्ठियां जो संस्था की महत्वपूर्ण गतिविधियां हैं, नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं और परिचर्चाओं को प्रकाशित किया जाता है।
हाल में एनएमएमएल ने अपने अकादमिक संसाधनों का पर्याप्त विस्तार और संवर्द्धन किया है। वर्तमान में, पुस्तकालय में न केवल आधुनिक और समकालीन इतिहास के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाशनों का समृद्ध संग्रह उपलब्ध है बल्कि इसमें बहुत ही प्रभावशाली और वैविध्यपूर्ण अभिलेखागारीय संग्रह भी उपलब्ध हैं। इस संग्रह का नियमित रूप से अद्यतन और विस्तार होता है और यह शोध के लिए उपलब्ध कराये जाते हैं। इसी विशेषता के कारण विभिन्न विषयों और विविध क्षेत्रों में रूचि रखने वाले भारतीय और विदेशी विद्वानों के लिए नेहरु स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय एक महत्वपूर्ण अकादमिक पड़ाव है।
नेहरु स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय की सामान्य परिषद्, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भारत सरकार द्वारा नामित किए जाते हैं।

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