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Contemporary

समसामयिक अध्ययन केन्द्र

समसामयिक अध्ययन केन्द्र की स्थापना सन् 1990 में एक प्रोन्नत अध्ययन केन्द्र के रूप में इस उद्देश्य के साथ की गई कि यह शोध संबंधित कार्यों को व्यवस्थित कर शोध के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करे। यह केन्द्र नेहरु स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय की सभी शोध परियोजनाओं की देख-रेख के लिए है और इसका उद्देश्य आधुनिक भारत और समकालीन भारत पर होने वाले शोध कार्यों को प्रोत्साहित करना है। इसके द्वारा उन्नत शोध और आधुनिक भारत के इतिहास और समकालीन इतिहास पर शोध को प्रोत्साहित करने के लिए तीन स्तरों पर फेलोशिप प्रदान की जाती हैं - कनिष्ठ फेलो, फेलो और वरिष्ठ फेलो। जिन तीन क्षेत्रों में यह प्रदान की जाती हैं वे हैं - ‘आधुनिक भारत का इतिहास और समकालीन अध्ययन’, ‘भारत के विकास (सामाजिक, आर्थिक व सांस्कृतिक) के परिप्रेक्ष्य’ तथा ‘भारत और विश्व अर्थव्यवस्था और राजनीति के बदलते परिप्रेक्ष्य’।

वर्तमान में इस केन्द्र में आधुनिक भारत के इतिहास और उससे जुड़े क्षेत्रों में 29 फेलो शोध कार्य कर रहे  हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), भारतीय समाज विज्ञान अनुसंधान परिषद् (ICSSR), भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद् (ICHR) तथा फोर्ड फाउंडेशन जैसी संस्थाओं द्वारा फेलोशिप पा रहे विद्वानों को भी संस्था से जोड़ा गया है।

एनएमएमएल द्वारा विद्वानों को (i.) आधुनिक भारत का इतिहास और समकालीन अध्ययन (ii.) भारत के विकास (सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक) के परिप्रेक्ष्य (iii.) भारत और विश्व अर्थव्यवस्था व राजनीति के बदलते परिप्रेक्ष्य के क्षेत्र में फेलोशिप प्रदान की जाती हैं।

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