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एनएमएमएल ‘अकादमिक शोध, अनुवाद और पुस्तक लेखन फेलोशिप’

नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय (एनएमएमएल), प्रसन्नतापूर्वक मूल शोध पर पुस्तक परियोजनाओं के लिए प्रकाशन फेलोशिप की घोषणा करता है, जिसमें मूल्यवान अभिलेख, स्रोत और ऐतिहासिक तथा समकालीन सामाजिक विज्ञान के मुद्दे शामिल हैं। व्यापक रूप से यह फेलोशिप आधुनिक भारत के आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं से संबंधित है। फेलोज़ से किसी प्रतिष्ठित प्रकाशक के माध्यम से एक मूल पुस्तक प्रकाशित करने की अपेक्षा की जाती है। इस योजना की विस्तृत जानकारी इस प्रकार है :


उद्देश्य :

इस फेलोशिप का उद्देश्य आधुनिक और समकालीन भारत पर अनुसंधान और प्रकाशन को बढ़ावा देना है। विशेष रूप से, हमारा उद्देश्य फ्रांसीसी, पुर्तगाली, डच, डेनिश और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं में पाए जाने वाले भारत से संबंधित बहुमूल्य ऐतिहासिक सामग्रियों और दस्तावेजों के अनुवाद, संपादन और प्रकाशन को प्रोत्साहित करना है।


फेलोशिप की संख्या :
एक वर्ष में फेलोशिप की संख्या केवल चार (4) होगी।

अवधि और फेलोशिप राशि :

फेलोशिप अधिकतम एक वर्ष के लिए प्रदान की जाएगी और अनुदान की कुल राशि 1 लाख से 4 लाख रूपए तक प्रस्तावित शोध की प्रकृति के आधार पर होगी। आवेदकों से साक्षात्कार के समय फेलोशिप कार्यकाल की विस्तृत कार्य योजना के साथ आवेदन की तिथि तक तैयार पांडुलिपि प्रस्तुत करने की अपेक्षा की जाती है। फेलोशिप अवधि के दौरान साक्षात्कार के समय प्रस्तुत किए गए कार्य के संबंध में प्रगति की तुलना और मूल्यांकन किया जाएगा। फेलोशिप के दौरान कोई भी आकस्मिक राशि देय नहीं होगी और किसी भी परिस्थिति में इसे विस्तारित नहीं किया जाएगा।

शोध का क्षेत्र :
आधुनिक और समकालीन भारत पात्रता

  1. फेलोशिप केवल भारतीय नागरिकों के लिए है।
  2. शिक्षण/ शोध में उत्कृष्ट अकादमिक रिकॉर्ड।
  3. प्रतिष्ठित प्रकाशन केन्द्र से प्रकाशित लेख और पुस्तकें।


नियम और शर्तें

  1. कुल अनुदान चार (4) किश्तों में प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक किश्त 1,00,000/- रुपए से अधिक नहीं होगी। फेलोशिप चयन समिति द्वारा प्रस्ताव की मंजूरी मिलने के बाद ही पहली किश्त जारी की जाएगी। दूसरी और तीसरी किश्त त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट के सफल और संतोषजनक होने के बाद ही जारी की जाएगी। प्रत्येक बार नए अध्याय/संशोधित अध्याय में लगभग 15,000-20,000 शब्द होने चाहिए। आखिरी किश्त केवल पुस्तक/मोनोग्राफ के मसौदे के पूर्ण लेखन के बाद फेलोशिप रिव्यू कमेटी और फैलोशिप कमेटी की मंजूरी के बाद जारी की जाएगी।
  2. एक बार फेलोशिप लेने के बाद, वही आवेदक उसी अनुदान के लिए पुनः आवेदन करने का पात्र नहीं होगा।
  3. चयनित फेलोज़ को इस अनुदान के नियमों और विनियमों का पालन करना होगा। अनुदान की अवॉर्ड अधिसूचना जारी होने के बाद शोध शुरू करें और 12 महीने के निर्धारित समय के भीतर अपनी पुस्तक/मोनोग्राफ जमा करें, इसमें विफल होने पर एनएमएमएल को अर्थदण्ड लगाने का अधिकार है और उन्हें संबंधित नियमों के अनुसार पूरी अनुदान राशि वापस करने के लिए कहा जा सकता है।
  4. अगर अनुदान समिति को उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिलते हैं, तो उस वर्ष अनुदान नहीं दिया जाएगा।
  5. अभिस्वीकृति, सामग्री, फुटनोट, ग्रंथसूची, सूचकांक और अनुबंध को छोड़कर पुस्तक का आकार न्यूनतम 65,000-70,000 शब्दों के बीच होनी चाहिए।
  6. प्रकाशन अनुदान समिति और एनएमएमएल की कार्यकारी परिषद् का निर्णय अंतिम और अपरिवर्तनीय होगा।
  7. चयनित फेलोज की प्रकाशित पांडुलिपियों का कॉपीराइट लेखक के पास होगा।
  8. चयनित फेलोज से अपने फेलोशिप कार्यकाल के दौरान नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय में अपने शोध के विषय पर सार्वजनिक व्याख्यान देने की अपेक्षा की जाती है।


प्रस्ताव जमा करने के लिए दिशा-निर्देश

  1. इच्छुक विद्वानों को आवेदन पत्र में, अपने पाण्डुलिपि-विषय पर लगभग 2000 शब्दों का एक लेख अपने जीवनवृत्त, जिसमें नाम, पता, वर्तमान पदनाम, राष्ट्रीयता, जन्मतिथि, लिंग, और कम से कम दो रेफरी के नाम के साथ भेजना चाहिए। चयन समिति के सदस्यगण, एनएमएमएल सोसायटी, कार्यकारी परिषद् और एनएमएमएल के स्टॉफ रेफरी के पात्र नहीं होंगे। आवेदन पत्र 14 जुलाई 2018 तक या उससे पहले ई-मेल: artbwfellow-nmml@gov.in पर प्राप्त हो जाना चाहिए।
  2. अपूर्ण आवेदन पत्र अथवा अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
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