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Oral

मौखिक इतिहास

नेहरु स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय की मौखिक इतिहास परियोजना की परिकल्पना शोध परियोजना के रूप में की गई थी। इस दिशा में पहला कदम 1966 में उठाया गया था। आज की तारीख में नेहरु स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय द्वारा 1351 व्यक्तियों के संस्मरण रिकॉर्ड किए जा चुके हैं और इन साक्षात्कारों के 882 प्रतिलेख नेहरु स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय अभिलेखागार के वाचनालय (Reading Room) में अध्येताओं के प्रयोग हेतु उपलब्ध है।

प्रारम्भ में, नेहरु स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय की इस परियोजना में विशेष महत्व उन व्यक्तियों के संस्मरणों को रिकॉर्ड करने पर दिया जाता था जो भारत के महान नेताओं के संपर्क में आए या जो भारत के महत्वपूर्ण राजनैतिक आंदोलन अथवा घटनाओं से सहभागी या साक्षी के रूप में जुडे़ हुए थे। क्रमशः मौखिक इतिहास के फलक का विस्तार किया गया और इस परियोजना में अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, कला और संस्कृति, खेलकूद, संस्था निर्माण आदि से संबंधित विषयों को भी शामिल कर लिया गया। इस परियोजना के तहत जिन व्यक्तियों के साक्षात्कार लिए जाने हैं उनकी सूची निरतंर अद्यतन की जाती है।

जिन व्यक्तियों ने इसके तहत अपने संस्मरण रिकॉर्ड कराए हैं उनमें ख़ान अब्दुल गफ्फार ख़ान, आचार्य जे. बी. कृपलानी, रेणुका राय, कमला देवी चट्टोपाध्याय, सुशीला नायर, ई. एम. एस. नम्बूदरीपाद, एच. वी. कामत, ए. पी. जैन, नवाब छत्तारी, जीवराज मेहता, आर. के. नेहरु, एच. एम. पटेल, ज्योति बसु, आई. के. गुजराल तथा वी. पी. सिंह शामिल हैं । जिन वैज्ञानिकों के साक्षात्कार रिकॉर्ड किए गए हैं, उनमें एस. चन्द्रशेखर तथा नामी खगोल भौतिक वैज्ञानिक और प्रोफेसर, सत्येन बोस शामिल हैं। इसके अतिरिक्त जवाहरलाल नेहरु अथवा भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन पर जिन विदेशी हस्तियों को रिकॉर्ड किया गया है उनमें लूई माउंटबैटन, फेन्नर ब्रॉकवे, होरेस अलैक्जै़ंडर, जेम्स कैमरून, यहूदी मेनूहिन, श्रीमती मार्टिन लूथर किंग, विली ब्रैनडट्, चांसलर क्रीइस्की (आस्ट्रिया), पीअरे मेंडीस (फ्रांस), चेस्टर बोल्स, टीबोर मेंडे, फैज़ अहमद फैज़ और बहुत से अन्य व्यक्ति शामिल हैं ।

संस्था के मौखिक इतिहास साक्षात्कारों के तहत महत्वपूर्ण नेताओं के संस्मरण रिकार्ड किए जा चुके हैं जिनमें भारतीय राजनीति की घटनाएं जिसमें बंगाल विभाजन व प्रथम विश्व युद्ध, सत्याग्रह आंदोलन, समाज सुधार आंदोलन, व्यापार संघों का विकास, लेबर रिलेशंस, क्रांतिकारी और आतंकी दलों की गतिविधियां, भारत-ब्रिटिश संबंध भारत और ब्रिटिश राजनीति के संदर्भ में, हिंदू-मुसलमान संबंध तथा भारत विभाजन से जुड़ी घटनाएं शामिल हैं । मौखिक इतिहास साक्षात्कारों की प्रक्रिया एक लगातार चलने वाला कार्यक्रम है। वस्तुतः जो इतिहासकार वर्तमान भारत के इतिहास से जुडे़ महान व्यक्तियों या आंदोलनों के बारे में लिखना चाहते हैं उनके लिए मौखिक इतिहास परियोजना के तहत पर्याप्त बहुमूल्य स्रोत सामग्री जुटाई जा चुकी है। संस्था द्वारा जुटाई गई इस समृद्ध और मुद्रित सामग्री के साथ पांडुलिपियों के रूप में एकत्रित की गई सामग्री आधुनिक भारत के इतिहास, विशेष रूप से भारतीय राष्ट्रवाद के क्षेत्र में अध्ययन के लिए अत्यंत उपयोगी है।

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