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सेवा उपनियम

अवधि

14. परिवीक्षा

  1. इन उप-नियमों के लागू होने के पश्चात् सोसाइटी में किसी भी पद पर पदोन्नति अथवा सीधे भर्ती द्वारा नियुक्त व्यक्ति, भर्ती नियमों में अनुबंधित अवधि के लिए परिवीक्षा पर होगा;
    इस प्रावधान के होते हुए कि किसी भी विशिष्ट मामले में प्राधिकारी परिवीक्षा की अवधि बढ़ा सकता है।
  2. परिवीक्षा अवधि के दौरान सोसाइटी में पदधारित करने वाले व्यक्ति को यदि उस पद पर अयोग्य पाया जाता है या परिवीक्षा अवधि संतोषजनक नहीं पाई जाती है तो नियुक्ति प्राधिकारी ऐसे मामलों में
    1. जिनकी नियुक्ति पदोन्नति द्वारा हुई है, पूर्व धारित पद पर तत्काल प्रत्यावर्तित कर सकता है;
    2. सीधे भर्ती वाली नियुक्ति में बिना नोटिस के सोसाइटी से उस व्यक्ति की सेवाएं समाप्त कर सकता है।
  3. सोसाइटी में पदोन्नति द्वारा स्थाई पद पर नियुक्त व्यक्ति द्वारा परिवीक्षा अवधि संतोषप्रद रूप में पूरी किए जाने की स्थिति में उस पद पर मूल नियुक्ति के लिए उसकी पात्रता होगी।

(15) स्थाई एवं अस्थाई सेवा

  1. सोसाइटी में पद पर मूल रूप से नियुक्ति होने पर ही कार्मिक स्थाई कार्मिक होगा।
  2. सोसाइटी के किसी भी स्थाई पद पर मूल रूप से नियुक्त कार्मिक, स्थाई कार्मिक होगा;

(16) मूल नियुक्तियां

नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा जब तक सोसाइटी में व्यक्ति की सेवाएं अनुमोदित नहीं की जाती तब तक किसी भी पद उसकी मूल नियुक्ति नहीं की जाएगी।

(17) सेवाओं का समापन

  1. निम्न परिस्थितियों में अस्थाई कार्मिक की सेवाएं बिना कोई कारण बताए नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा समाप्त की जा सकती है
    1. प्रथम नियुक्ति की स्थिति में परिवीक्षा अवधि के दौरान किसी भी समय बिना किसी नोटिस के; अथवा
    2. यदि अस्थाई कार्मिक सोसाइटी से सेवामुक्त होना चाहता है तो लिखित में एक माह की पूर्व सूचना पर और यदि वह सोसाइटी से तत्काल सेवामुक्त होना चाहता है तो नोटिस की एवज़ में एक माह का वेतन/भत्ते देकर। नियुक्ति प्राधिकारी को वस्तुतः यह अधिकार होगा कि वह नोटिस की अवधि को निष्प्रभावी कर सके।
  2. खंड के प्रावधानों के प्रति बिना किसी पूर्वाग्रह के अस्थाई कार्मिक की सेवाएं समाप्त समझी जाएंगी। यदि:-
    1. उसकी नियुक्ति निश्चित अवधि के लिए की गई है और वह अवधि समाप्त हो गई है और उसकी नियुक्ति की अवधि को और बढ़ाया नहीं जाता।
    2. यदि उसकी नियुक्ति अस्थाई पद पर की गई है तो ऐसे पद की समाप्ति अथवा ऐसी अवधि की समाप्ति पर जब तक के लिए वह पद सृजित किया गया था।
    3. विहित नियमों के तहत प्रदत्त असाधारण अवकाश की अधिकतम अवधि के समाप्त होने पर यदि वह ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होता और ‘कारण बताओ’ नोटिस, यदि कोई हों के उत्तर में दिए गए स्पष्टीकरण जो ऐसे सभी मामलों में दिया जाना चाहिए को संदर्भ लिया जाता है।
  3. अस्थायी एवं स्थायी कार्मिकों की सेवाएं सी सी एस (सी सी ए) स्थाई सेवाए एवं के0 लो0 नि0 (अस्थायी सेवा) की शर्तों के तहत विनियमित होंगी।
  4. खंड (3) के तहत कार्मिक को सेवाएं समाप्त करने का नोटिस दिया जाता है, उसे नोटिस के अवधि के दौरान स्वीकार्य अर्जित अवकाश प्रदान किया जा सकता है और जहां ऐसे स्वीकार्य एवं प्रदत्त अवकाश की अवधि तीन माह से अधिक होगी वहां अवकाश की समाप्ति पर सेवाएं समाप्त की जा सकती है।

18. सेवानिवृत्ति

  1. सोसाइटी की सेवाओं से कार्मिक निम्न स्थिति में सेवानिवृत्त होगा
    1. केन्द्रीय सरकार के कार्मिकों पर समय-समय पर लागू सेवानिवृत्ति की आयु प्राप्त होने पर
    2. नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा उसके लिए निर्दिष्ट चिकित्सा बोर्ड सेवा से उसे स्वास्थ्य के आधार पर अयोग्य ठहराए जाने पर; अथवा
    3. दंड स्वरूप लागू अनिवार्य सेवानिवृत्ति की स्थिति में
    4. सोसाइटी के हित में कार्यकारी परिषद् द्वारा केन्द्रीय सरकार के अनुमोदन पर निदेशक एनएमएमएल की सेवाएं 62 वर्ष जिसे अधिकतम 65 वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है।
    5. विहित सेवानिवृत्ति की आयु प्राप्त करने के उपरांत प्रत्येक कार्मिक उस माह की अंतिम तारीख को अपराह्न सोसाइटी की सेवाओं से निवृत्त किया जाएगा। जिस कार्मिक की जन्म तारीख माह का प्रथम दिवस होगा वह उसके पूर्व माह की अंतिम तारीख को सेवा-निवृत्ति की निर्धारित आयु प्राप्त होने पर दोपहर बाद निवृत्ति किया जाएगा। ऐसी स्थिति में सेवा निवृत्ति की तारीख को कार्य दिवस माना जाएगा बशर्ते कि कार्मिक इन नियमों के लागू होने से पहले से सोसाइटी की सेवा में थे वे कार्मिक सेवानिवृत्ति के मामले में सोसाइटी के उन नियमों से शसित होगें जो उस समय लागू है।
  2. उपर्युक्त खंड (1) में किसी भी बात के होते हुए नियुक्ति प्राधिकारी को सोसाइटी के हित में किसी भी ऐसे कार्मिक को जिसने 55 वर्ष की आयु प्राप्त कर ली है अथवा 30 वर्ष की अर्हक सेवा पूरी कर ली है लिखित में तीन माह के नोटिस द्वारा अथवा ऐसे नोटिस के एवज़ में तीन माह का वेतन और भत्ते देकर सेवानिवृत्त करने का पूर्ण अधिकार होगा परंतु इस शर्त के तहत की इस शक्ति का प्रयोग कार्मिक को कदाचार के कारण या उसके प्रति किसी अनुशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए नहीं किया जाएगा।
  3. 55 वर्ष की आयु प्राप्त करने के पश्चात् अथवा 30 वर्ष की अर्हक सेवा उपरांत कोई भी कार्मिक नियुक्ति प्राधिकारी को तीन माह का लिखित नोटिस देकर सोसाइटी की सेवा से कार्य निवृत्त हो सकता है इस शर्त के तहत कि इस खंड के तहत अनुमति को मांगने वाले निलंबित कार्मिक की सेवानिवृत्ति को मंजूर करना अथवा न करना नियुक्ति प्राधिकारी का विवेकाधिकार होगा।

19. त्यागपत्र

  1. अस्थाई नियुक्तियों के संदर्भ में कार्मिक नियुक्ति प्राधिकारी को संबोधित एक माह के लिखित नोटिस द्वारा तथा स्थाई कार्मिक के संदर्भ में तीन माह के लिखित नोटिस द्वारा त्यागपत्र दे सकता है।
  2. नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा उचित जाने पर किसी विशेष परिस्थितियों में कार्मिक को एक माह से कम अवधि के नोटिस पर सोसाइटी की सेवाओं से कार्यमुक्त किया जा सकता है।
  3. नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत किए जाने की तारीख से त्याग-पत्र प्रभावी समझा जाएगा।
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